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कश्मकश

Harikesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये तेरे ज़माने वाले मुझे तेरा नाम नहीं लेने देते
        
                                                    
                            
ये तेरे ज़माने वाले मुझे तुझे याद नहीं करने देते
और मेरी तनहाइयां तुझे भूलने नहीं देती हैं
मेरे इस दर्द की कश्मकश को
तेरे सिवा समझे कौन?


हरिकेश यादव
काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी


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6 वर्ष पहले
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