यूं न नजरें झुका के देखो
ये दिल हमारा मचल उठेगा,
अभी दबा है जो दिल में मेरे
वो शोला दिल का भड़क उठेगा,,
बहुत मोहोब्बत है तुमसे यारा
तुम्हीं हो जाने जिगर हमारे,
तुम्हीं अगर ये सितम करोगे
तो दिल बेचारा तड़फ उठेगा,,
मिली जबसे निगाह तुमसे
तुम्हीं तभी से बसे हो मन में
दुबारा गर ये सितम करोगे
तो दिल हमारा बंहक उठेगा,,
यूं न नजरें झुंका के देखो
ये दिल हमारा मचल उठेगा,
अभी दबा है जो दिल मेरे
वो शोला दिल का भड़क उठेगा,,
गिरजा शंकर मिश्र
गोंडा उत्तर प्रदेश