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जब याद मुझे तुम आते हो.....

Geeta Chaudhary

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब याद मुझे तुम आते हो,
        
                                                    
                            
धड़कन दिल की बढ़ जाती है,
आँखों में नशा छा जाता है,
साँसों में आँच भर आती है.
ऐसे में तुम चुपके से
अधरों को मेरे छू जाते हो,
जब याद मुझे तुम आते हो !
जब याद मुझे तुम आते हो,
पलकों को बंद कर लेती हूँ,
अपने तन के पास तभी,
महसूस तुम्हें मैं करती हूँ,
मुझसे दूर नहीं हो तुम
बस यही बात समझाते हो,
जब याद मुझे तुम आते हो !
जब याद मुझे तुम आते हो,
बिन पंखों के पंछी सी मैं,
खुद को बेबस पाती हूँ,
मौन क्षितिज के पार तभी,
तुम "गीत" मुझे दिख जाते हो,
जीवन में फिर प्रीत जगाते हो,
जब याद मुझे तुम आते हो !

गीता चौधरी "गीत "
एक वर्ष पहले
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