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अलविदा सुषमाजी

Gayatri Sharma's

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            स्वरचित कविता
        
                                                    
                            
अलविदा सुषमा जी 

महिलाओं की बनी मजबूत आवाज
नेतृत्व से लाखों दिलों पर किया राज,
छोड़कर पति और बेटी को अकेले आज
तिरंगे में लिपट कर विदा हो चली सुषमा स्वराज।

 पहली महिला मुख्यमंत्री, प्रवक्ता,
 विदेश मंत्री जैसे पदों को निभाया,
जात-धर्म की परवाह किए बगैर
मुसीबत में फंसे हुए को गले लगाया।

 सूडान, यमन में फंसे भारतीयों के लिए
ऑपरेशन राहत और संकट- मोचन चलाया,
बिछड़े बेटे को अपनी मां से 
और पति को  पत्नी से मिलवाया।

 संयुक्त राष्ट्र परिषद में 
पाकिस्तान को ललकारा था,
हिंदुस्तानी शेरनी की दहाड़ ने देखो
आतंकवादियों को धो डाला था। 

गीता, उजमा, हमीद, सोनू की 
भारत मां की गोद में वापसी हुई, 
दरियादिली दिखा कर आपने समय पर
रोहान,निदा की हार्ट सर्जरी करवाई।

 चमकता सितारा, ओजस्वी वक्ता, निर्भीक,
 मददगार, दरियादिली, प्रखर नेतृत्व 
यही सुषमा जी की कहानी,
याद आएगी चहेतों को आपकी हमेशा 
संसद में गूंजने वाली ओजस्वी वाणी।

देश और परिवार की 
सच्चे दिल से जिम्मेदारी निभाई,
दुनिया छोड़ जाने पर सुषमाजी 
शोक में डूबा सारा भारत,विपक्ष और भाजपाई।

 कर्तृत्ववान नेता हमेशा दुनिया से 
चले जाने पर भी यादों मे जिंदा रहता है,
नम आंखों से सुषमाजी आपको 
सारा हिंदुस्तान आज अलविदा कहता है।
 अलविदा! अलविदा! अलविदा!

         --गायत्री शर्मा"चेतना"
          दत्तावाडी़, नागपुर
- 7498121547


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