विज्ञापन

बदल गया आदमी

Gauri sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब कुछ पहले जैसा है
        
                                                    
                            
ना जाने आदमी कैसा है
पहले जैसी
नदिया में धार है
पहले जैसी
बसंत लाई बहार है
पहले जैसे
चहकती चिड़िया रानी है
पहले जैसे
बादल लाते पानी है
पहले जैसे
पुष्प महकते हैं
पहले जैसे
वृक्ष फल देते है
पहले जैसा
प्रातः सूर्य निकलता है
पहले जैसा
रात्रि में चंद्र चमकता है
सब कुछ पहले जैसा है
ना जाने आदमी कैसा है
समय के साथ न बदली प्रकृति
समय के साथ बदल गया आदमी
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10278 कविताएं

View Profile