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बदल गया आदमी

                
                                                         
                            सब कुछ पहले जैसा है
                                                                 
                            
ना जाने आदमी कैसा है
पहले जैसी
नदिया में धार है
पहले जैसी
बसंत लाई बहार है
पहले जैसे
चहकती चिड़िया रानी है
पहले जैसे
बादल लाते पानी है
पहले जैसे
पुष्प महकते हैं
पहले जैसे
वृक्ष फल देते है
पहले जैसा
प्रातः सूर्य निकलता है
पहले जैसा
रात्रि में चंद्र चमकता है
सब कुछ पहले जैसा है
ना जाने आदमी कैसा है
समय के साथ न बदली प्रकृति
समय के साथ बदल गया आदमी
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एक वर्ष पहले

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