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भाई सै दुनिया की छाँव

Dr. Mamta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भाई सै दुनिया की छाँव रे भाई,
        
                                                    
                            
भाई सै भगवान,
भाई बिना सूना लागे,
जीवन अरु जहान।।

बचपन तै खेले सँग मेरे,
झगड़ा भी कर जावे,
पर बहन की आँखन में आँसू,
देखे रह ना पावे।।

छोटी-छोटी बातन में,
प्यार दिखावे भाई,
उसकी कदमों सै घर में
खुशियां सावन सी घिर आई।।

मेले-ठेले हो या ठाठ ब्याह,
सब में आगे आवे,
हर काम सुहावन लागे मौकों,
जब भाई मुस्कावे।।

कठिन घड़ी में साथ निभावे,
मेरी हिम्मत बढ़ावे भाई,
भगवान तै माँगू यही दुआ,
रहे सदा भाई मेरा सुखदाई।।

भाई सै जीवन की आस रे,
भाई सै सम्मान,
भाई सै दुनिया की छाँव रे,
भाई सै भगवान।।
10 महीने पहले
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