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इसीलिए खुशबू बनकर बिखर जाओ

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तड़प मैं भी रहा हूं क्योंकि तुम मेरी सांस, धड़कन है सनम,
        
                                                    
                            
तड़प तो तुम भी रही है, क्यों कि जान मैं हूं तुम्हारी,
तुम भले दूर बैठी है सनम पर महसूस तो करता हूं तुम्हें सनम,
इसीलिए खुशबू बनकर बिखर जाओ तो कुछ बात बन जाए,
23 घंटे पहले
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