तड़प मैं भी रहा हूं क्योंकि तुम मेरी सांस, धड़कन है सनम,
तड़प तो तुम भी रही है, क्यों कि जान मैं हूं तुम्हारी,
तुम भले दूर बैठी है सनम पर महसूस तो करता हूं तुम्हें सनम,
इसीलिए खुशबू बनकर बिखर जाओ तो कुछ बात बन जाए,
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