मुझे तेरा हर रोज इंतजार रहता है, लेकिन तुम्हें मेरी फ़िक्र तक नहीं है,
तुम्हारी ज़ुबान पर मेरा जिक्र तक नहीं, मुहब्बत में यही तो कमी है,
मैं बेचैन, तड़प रहा हूं और तुम को खबर तक नहीं है,