विज्ञापन

इंतजार रहता है

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझे तेरा हर रोज इंतजार रहता है, लेकिन तुम्हें मेरी फ़िक्र तक नहीं है,
        
                                                    
                            
तुम्हारी ज़ुबान पर मेरा जिक्र तक नहीं, मुहब्बत में यही तो कमी है,
मैं बेचैन, तड़प रहा हूं और तुम को खबर तक नहीं है,
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all