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अपनी गली में टहलता हूं

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर मेरी गली में कभी तुम आई तो एक बार मिल कर जाना सनम,
        
                                                    
                            
शाम ढलने के बाद मैं आज भी अपनी गली में ही टहलता हूं
2 घंटे पहले
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Ankit Kumar

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