विज्ञापन

उतरती उम्र की हसरत जुबां तक ही रहा करती

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उतरती उम्र की हसरत जुबां तक ही रहा करती
        
                                                    
                            
जवानी देखकर ये आंखें बीते दिन जिया करती
बहुत कुछ चाहता है मन समंदर पार करने को
हैं प्याले जाम के खाली बस नजरें पिया करतीं.
-दिनेश चौहान
23 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile