उतरती उम्र की हसरत जुबां तक ही रहा करती
जवानी देखकर ये आंखें बीते दिन जिया करती
बहुत कुछ चाहता है मन समंदर पार करने को
हैं प्याले जाम के खाली बस नजरें पिया करतीं.
-दिनेश चौहान
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