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तपता रहा रेगिस्तान सा आदमी पानी की तलाश में

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तपता रहा रेगिस्तान सा आदमी पानी की तलाश में
        
                                                    
                            
सारे लम्हे गुजर गये उसके. हरियाली की आस में
जम कर बारिश हुई उसके मर जाने के बाद फिर
धुआं धुआं हो गई बाकी जिन्दगी सुलगने के बाद में.
-दिनेश चौहान
एक दिन पहले
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