कुछ जीते कुछ हार गये
कुछ यमुना, गंगा पार गये.
कोसेगें जीते वालों को
जो सारे रण में हार गये.
चर्चा पहले थी अब भी है
वोटर कुछ दुश्वार हुए
धोखा अपनों ने देकर ही
सब छोड़ हमें मंझधार गये.
-दिनेश चौहान