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करुण कथा उन हृदयों की

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उम्र निकल गई जिनकी मेंहदी हाथों में लग न सकी
        
                                                    
                            
हल्दी की रस्मों को देखा अपने हाथो में सज न सकी
शहनाई की धुन बुनते सपनों संग जिनकी पाषाणहुई
करुण कथा उन हृदयों की निर्झर बन के बह न सकी
-दिनेश चौहान
3 महीने पहले
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