जन्तर-मन्तर भर गया लेकर देश का शोर
दिल्ली वाले झेलते रात सुबह और भोर.
खाली छुट्टा लोग सब काम नहीं कुछ पास
बिना टिकट की रेल से पहुंचे लेकर आश.
-दिनेश चौहान