वो विरासत प्रेम की हम छोड़ आये
कथा में शकुंतला को भी छोड़ आये
आज हर मोड़ दुष्यंत दिख रहे अब
स्मृति अंगूठी की कसम भी तोड़ आये.
-दिनेश चौहान