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बिन पिये ही बदनाम हो गया

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर की उलझनों से इतना परेशान हो गया
        
                                                    
                            
रात को लुढ़क कर वह खुद जाम हो गया.

जेब खाली हुई लौटते वक़्त दोस्त ना मिला
देर रात लौटा बिन पिये ही बदनाम हो गया.

कई रोज से दौड़ता रहा जिस काम के लिए
पियक्कड़ पुराना मिला पल में काम हो गया.

शराब बहुत बुरी होती है बात सब कहते रहे
हलक के नीचे क्या उतरी ग़म तमाम हो गया.

दुनिया में अच्छा कौन और बुरा कौन है यहां
पी कर लिखने वालों का बहुत नाम हो गया.
-दिनेश चौहान
18 घंटे पहले
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