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नफ़रतों का बोझ दिल में रखता नहीं

Devraj Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं मोहब्बत न दोस्ती रखता हूँ,
        
                                                    
                            
बात मगर अनजान से भी करता हूँ।l

लोग कहते हैं, गलत है ये बंदा,
मैं उनसे भी हर बात पर बात करता हूँ।l

नफ़रतों का बोझ दिल में रखता नहीं,
हर किसी से मुस्कुराकर मिला करता हूँ।l

कौन अपना है, कौन गैर है यहाँ ''देव,
मैं तो बस इंसान पर ऐतबार करता हूँ।l
- देवराज मिश्रा.
एक दिन पहले
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