विज्ञापन

पर्यावरण परिपूर्ण शुद्धता के संग है,

Deepti Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहीं दूर प्रकृति के गाँव में,
        
                                                    
                            
पर्यावरण की छांव में,
कुछ पल बिताते हैं,
मन के भंवरे मुस्कुराते हैं।

फूल की पंखुड़ियों जैसे,
तितलियों के पंख हैं,
हिलती - डुलाती टहनियों से
हवा में सुगन्ध है।

पर्यावरण परिपूर्ण शुद्धता के संग है,
आओ चलें दूर कहीं....
प्रकृति के गांव में,
पर्यावरण की छांव में।।

-दीप्ति त्रिपाठी
 
23 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile