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चुटकी भर आश्वासन, दरिया भर अपमान

Chitra Bisht

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            टूटी चप्पल को सहारा दे चल
        
                                                    
                            
पहुंचा वो दफ्तर बाबू के सामने

अपने अधिकार की भीख मांगने
पेंशन के कागज आगे सरकाने

चुटकी भर आश्वासन, दरिया भर अपमान
आखिरी वक्त बस यही पड़े मिले सिरहाने
-चित्रा
एक महीने पहले
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