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तेरी खूबसूरती के नाम 

chinu mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस नीले आसमान की चादर को मैं तो उसकी ओढ़नी कहूँगा,
        
                                                    
                            
और चमकते हुए इन तारों को मैं उसकी मुस्कान की रोशनी कहूँगा। 

इस सर्दी की ठंडी सुबह की धूप को मैं उसकी आहट कहूँगा,
और बाग में खिले उस गुलाब को मैं उसकी सादगी की चाहत कहूँगा। 

इस बहती हुई ठंडी हवा को मैं उसकी जुल्फ़ें कहूँगा,
और समंदर की उन शांत लहरों को मैं उसकी निगाहें कहूँगा। 

इस घटा को मैं तो उसकी आँखों का काजल कहूँगा,
और चाँद की इस खूबसूरत रोशनी को मैं उसका आँचल कहूँगा।
7 घंटे पहले
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Deepak Sharma

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