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टुकड़े कर दिये दिल के और खिलखिला रही है

CHANDRA KANT

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे दिल की धड़कन तुझको बुला रही है
        
                                                    
                            
मेरी जाने चमन अब मुझको रुला रही है

हमने किए थे वादे कसमे भी थी खाई हमने
आई वक्त की आँधी सब कुछ उड़ा रही है

जाने क्या हुआ जाने अब उससे मिलना है मुश्किल
लगता है मेरी जाने वफा अब मुझको भुला रही है

जान भी दी थी उसको दिल भी उसे दिया था
जान रख ली मेरी मेरा दिल लौटा रही है

दिल तो उसने मेरा बस समझा है एक खिलौना
टुकड़े कर दिये दिल के और खिलखिला रही है
21 घंटे पहले
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Dn Chaubey

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