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तुम्हारी स्मृति के इस क्षण में

binoy mb

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हे महात्मा!
        
                                                    
                            
क्या आज तुम
केवल एक दिन के
तारानायक बनकर
क्षणभर चमकते
और फिर ओझल हो जाते हो?

तुम्हारी स्मृति के इस क्षण में
मैं भी,
इन साधारण जनों के साथ,
मन की गहराइयों से
शोक करता हूँ...
शोक करता हूँ।
5 घंटे पहले
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Ankit Kumar

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