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आसमान में तो नजरे गड़ा

Bhuneshwar Anant

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी यूं न बसर कर यारो
        
                                                    
                            
एक बार आसमान में तो नजरे गड़ा ।
खिंच लेंगे तेरे चाहने वाले
एक बार अजमा के बात तो अड़ा ।।

चुपचाप बैठने से अच्छा
हारकर तो बैठ जा ।
होगा नाम तेरा
सोच में ना डूब अभी तो लगजा॥

कहने वाले तो कहते रहेंगे
समझ ईशारा खोल रहा तेरा रस्ता ।
पायेगा मंजिल जब
यहीं कहेंगे वाह! भई वाह! है कितना मस्त।।
-भुनेश्वर अनंत
3 घंटे पहले
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