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मर्द जात ने ही दर्द दिए उसे जन्म से

bhavesh yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लिखने को तो पूरी कायनात दिख दूं,,
        
                                                    
                            
पर लिख ना पाऊं, किसपे

मां पे, बहन पे, बीवी पे बेटी पे
लिख ना पाऊं कलम पे
दर्द सहती है वो सहम के
मर्द जात ने ही दर्द दिए उसे जन्म से।।
4 घंटे पहले
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