लिखने को तो पूरी कायनात दिख दूं,,
पर लिख ना पाऊं, किसपे
मां पे, बहन पे, बीवी पे बेटी पे
लिख ना पाऊं कलम पे
दर्द सहती है वो सहम के
मर्द जात ने ही दर्द दिए उसे जन्म से।।
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