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शायरी दोस्त

Bhagwat Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल के धड़कनों असर पड़ा है
        
                                                    
                            
जब हमदम-दोस्त हमसे जुदा हुआ है
दिल पर कैसे करुं मेरे दोस्त
जब तू मेरे दिमाग खड़ा है
- भागवत प्रसाद नायक
7 महीने पहले
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