दिल के धड़कनों असर पड़ा है
जब हमदम-दोस्त हमसे जुदा हुआ है
दिल पर कैसे करुं मेरे दोस्त
जब तू मेरे दिमाग खड़ा है
- भागवत प्रसाद नायक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X