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खिलते- मुरझाते फूल

Bhagwan Singh Charan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खिलते-मुरझाते फूल
        
                                                    
                            

जब-जब खिलते हैं फूल,
फूलों से ज्यादा प्रसन्न,
उनको खिलते हुए देखने वाले होते हैं।

और जब-जब मुरझाते हैं फूल,
फूलों से ज्यादा उदास,
उनको मुरझाते हुए देखने वाले होते हैं।

मैं इन दोनों स्थितियों से गुजरा...
मैंने फूल खिलते हुए भी देखें
और मुरझाते हुए भी!

खिलते हुए फूलों ने मुझे,
क्षणिक खुशियाँ दी।
मुरझाते हुए फूलों को देखकर मैं,
लंबे समय तक उदास रहा।

- भगवान सिंह चारण (डीडवाना)
2 महीने पहले
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