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खुद की सिसकियां और ख्वाबों के टूटने

Beauty Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            असफलता और सफलता के बीज अपने
        
                                                    
                            
संग लेकर जा रही हूँ..
राहों में मिले कुछ यादें सपने अपने संग
संजोये जा रही हूँ..
खुद की सिसकियां और ख्वाबों के टूटने
का दर्द दबाये जा रही हूँ..
अपनी साँसों की गहराइयों के बीच
हल्की सी छाप छोड़े जा रही हूँ..
छोड़ रही हूँ मैं उन उम्मीदों को जिसके टूटने
पर होता है बेहद दर्द..उस दर्द को अपने
संग लेकर जा रही हूँ..!!
- ब्यूटी सिंह
22 घंटे पहले
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