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ताजमहल

Baby Tabassum

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल पर लगी जो चोट तो लब नहीं शिकवा
        
                                                    
                            
किया ए दिल-ए-नादां तूने यह क्या किया
दिल ने भरी एक आह और मुस्कुरा कर बोला
इसी चोट ने संगमरमर को ताजमहल बना दिया

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4 वर्ष पहले
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