विज्ञापन

आजकल स्कूल स्कूल न हो कर

Avinash Beohar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आजकल स्कूल
        
                                                    
                            
स्कूल न हो कर
व्यवसाई हो
गए हैं।
हमारी व्यवस्था
के चेहरे की
झाँई हो
गए हैं।।
-अविनाश ब्यौहार
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all