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सर्जिकल स्ट्राइक

Ashok Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सर्जिकल स्ट्राइक
        
                                                    
                            

रख के दिल में उमंग,फरके सबका अंग-अंग,
देश सरहद सुधारने की ठानी है।
मारे या मर जायें,काटे या कट जायें,
घुसपैठियों की यहाँ नहीं चलती मनमानी है।
बढ़ते रहे कदम,चाहे निकले दम,
चाहे दुनिया काहे भारत अभिमानी है।
दिया इन्हें बहुत प्यार,अब गोलों की बौछार,
यहीं विश्वामित्र और हरिश्चन्द्र दानी है।
इनका रक्त गर्म है,राष्ट्र सेवा धर्म है,
युवा यही देश की करते रखवारी हैं।
ऐसा किया है वार,दुश्मन भागे सीमा पार,
वीर ये राम जैसे लगते अवतारी हैं।
ख़ून में उबाल है,शक्ति बेमिसाल है,
हरदम करते युद्ध की तयारी हैं।
खेलते हैं जान पे,मरते हैं शान से,
राष्ट्र सेवा में इनकी जान बलिहारी है।

अशोक कुमार तिवारी 'पंडित'
ग्राम व पोस्ट कोदौरा, महमूदाबाद जिला सीतापुर (उ.प्र.)


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7 वर्ष पहले
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