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उम्मीद अभी बाकी है

Ashish Singh Jadon

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस दिन के सूरज में है बहुत रोशनी ...
        
                                                    
                            
पर इस दिन के उजियारे में कहां हैं मेरे चंदा तारे.. जिनको देखकर मिलते है ये बिछुड़े रोशनी अंधियारे.. मन में जलते अंधियारे में ये जो दीपक रोशनी का पाठ पढ़ा जाते है..
ये दिल में जलकर उम्मीद की लौ जगा जाते हैं..
इस चांदनी रात में जब सोने का मन करता तो मन सो भी लेता है..
और जब रोशनी का मन करता तो सूरज से बड़े तारे को देख भी लेता है....
है नहीं मुझे इस दिन से नफरत , पर रात अभी बाकी है..
जिसमें देखने बाकी हैं सपने और उम्मीद अभी बाकी है... उम्मीद अभी बाकी है...
एक घंटा पहले
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