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उम्मीद अभी बाकी है

                
                                                         
                            इस दिन के सूरज में है बहुत रोशनी ...
                                                                 
                            
पर इस दिन के उजियारे में कहां हैं मेरे चंदा तारे.. जिनको देखकर मिलते है ये बिछुड़े रोशनी अंधियारे.. मन में जलते अंधियारे में ये जो दीपक रोशनी का पाठ पढ़ा जाते है..
ये दिल में जलकर उम्मीद की लौ जगा जाते हैं..
इस चांदनी रात में जब सोने का मन करता तो मन सो भी लेता है..
और जब रोशनी का मन करता तो सूरज से बड़े तारे को देख भी लेता है....
है नहीं मुझे इस दिन से नफरत , पर रात अभी बाकी है..
जिसमें देखने बाकी हैं सपने और उम्मीद अभी बाकी है... उम्मीद अभी बाकी है...
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46 मिनट पहले

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