नहीं होना है पैदा मुझको माँ
हद से ज्यादा डरती हूँ मैं
क्यूं मेरे लिए नहीं ये दुनिया
सबसे सुना करती हूँ मैं।
माँ मुझको भी बतलाओ कुछ
तुमने भी क्यूं ये बात कही?
क्यूं मेरे लिए नहीं ये दुनिया
आखिर ऐसी क्या बात हुई?
कैसी है दुनिया माँ
आज मुझे बतलाओ ना
लोग यहां के कैसे है?
लोरी में गाके सुनाओ ना
माँ की आँखें भीग गई
बेटी ने जब सवाल किया
थाम लिया कोख को अपनी
और बेटी को प्यार किया।
बेटी नहीं सुरक्षित तुम इस दुनिया में
बेटी होना एक गलती है
भूखे भेड़िये नज़र है रखते
हर रोज़ एक बेटी जलती है
डर मुझको इस बात का है
जब तुम बड़ी हो जाओगी
माँ कैसे काटेगी वो दिन
जब पहली बार कहीं जाओगी
बेटी संभल के चलना इस दुनिया में
ये दुनिया बहुत निराली है
दिखने में इंसान ही है सब
लेकिन बहुत शिकारी है।।।
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