होली दहन को न काटें पेड़
प्रदूषण न हों,होली दहन हो जाए
बुरा न मानो,होली मनायें।
पानी की बर्बादी न हो
पानी की बचत का रखें ध्यान
बुरा न मानो,पानी रहित होली मनायें।
होली खेलने जब जायें
चहेरे,हाथों पर क्रीम,तेल लगायें
बुरा न मानो,होली मनायें।
केमिकल रंगों का न हो प्रयोग
नुकसान किसी का न हो,रखो ध्यान
बुरा न मानो,होली मनायें।
जब आये कोई टोली
स्नेह से आगे कर लो अपने गाल
लाल,पीला,हरा,अन्य रंग का हर्बल गुलाल
एक दूजे के लगायें,न हो मलाल
बुरा न मानो,होली मनायें।
गर हो किसी के गम की होली
उसके घर मिलने जायें
शान्त भाव से मिलकर आयें
बुरा न मानो होली,मनायें।
खोया,तेल दूध,दही में न हो मिलावट
जनता के स्वास्थ्य का रखो ध्यान
बुरा न मानो,होली मनायें।
अरविन्द कुमार शर्मा
जी0जी0रेजीडेंसी
पश्चिमपुरी चौराहा
आगरा।
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