जल रहा है देश सारा आज,फिर एक आग से
आरक्षण ने छीन लिया,भाईचारा देश से।
एक तरफ जाट खड़ा हो जाता है,लाठी ले कर हाथा में
एक ओर गुर्जर व पटेल बैठा ,रेल की पटरियों पे।
कभी जलता उतरप्रदेश ,कभी गुजरात,कभी जलता हरियाणा है
बस इतना बताओ तुम,ये देश किसका अपना है?
भीम सेना,करणी सेना ,पटेल सेना किसने ये बनाई है।
मानव मन के अंदर ये,कालिख किसने जगाई है।
संविधान बना था कल,आज अगर सुधार हुआ
बोलो किसपे अब ,किसने अत्याचार किया।
तुम मुझे ,मैं तुमको मारूं,इसी से सब सर्वनाश हुआ
शौर्य भी तो बाहरी कहते ,इसी लिए बर्बाद हुआ।
आज भी ये दंगाई मिलकर वो हाल ,कर डालेंगे सब
फिर कुछ बाहर वाले आकर,तम्बू डालेंगे अब।
इतिहास जिस कारण ,भारत का बर्बाद हुआ।
मत करो अब कुछ ऐसा,सम्भल जाओ मानव तुम
वरना भविष्य भी मानो ,इसी सत्ता की लोलुपता का शिकार हुआ।
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