कहो सिद्धार्थ तुम कब बुद्ध हुए,
कब उपदेश दिया ज्ञान का, कब फैलाई ज्योति,
जीवन है दुखों का सागर मंथन देता मोती,
कहों सिद्धार्थ तुम कब बुद्ध हुए,
राहुल का तुम बचपन थे यशोधरा के थे तुम यौवन
बना अमावास रातों को जब निकले थे तुम वन,
कहों सिद्धार्थ तुम कब बुद्ध हुए,
प्रेम दया ,करुणा क्षमा शांति का तुमने पढाया पाठ,
हो पराया, घोर अंधयारा, कर्तव्यों को दिया त्याग क्या तब जागा एहसास
कहो सिद्धार्थ तुम कब बुद्ध हुए, कहो सिद्धार्थ तुम कब बुद्ध हुए।
अनुराग यादव अंशु
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