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एहसास

anurag Azamgarh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक बात आई है दिल में, तुझसे कहूँ या रहने दूँ,
        
                                                    
                            
जो एहसास है इन आँखों में, उसे लफ़्ज़ों में बहने दूँ।

कुछ बातें दिल में रहकर भी, बहुत कुछ कह जाती हैं,
कुछ खामोशियाँ भी अक्सर, अपनी कहानी सुना जाती हैं।

बस इतना सा सवाल है, तू भी कभी महसूस करता है क्या?
जो बात आई है दिल में, वो तेरे दिल में भी आती है क्या?
20 घंटे पहले
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