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आशियाना

anuradha sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आओ एक आशियाना बनाएं
        
                                                    
                            
प्यार और अरमानों से उसे सजाएं

गमों की कोई गुंजाइश ना हो
खुशियों का अंबार हो

नाकामियों हों कोसों दूर
कामयाबी का साथ हो

अंधकार के लिए जगह ना हो
चारों तरफ उजाला हो

द्वेष भावना ना हो मन में
हर तरफ बस प्रीत भरा हो

फूलों की खुशबू से
महक रहा अंगना हो ।

Anuradha vinay udainiya
Datia Madhya Pradesh

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