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आशियाना

                
                                                         
                            आओ एक आशियाना बनाएं
                                                                 
                            
प्यार और अरमानों से उसे सजाएं

गमों की कोई गुंजाइश ना हो
खुशियों का अंबार हो

नाकामियों हों कोसों दूर
कामयाबी का साथ हो

अंधकार के लिए जगह ना हो
चारों तरफ उजाला हो

द्वेष भावना ना हो मन में
हर तरफ बस प्रीत भरा हो

फूलों की खुशबू से
महक रहा अंगना हो ।

Anuradha vinay udainiya
Datia Madhya Pradesh

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4 वर्ष पहले

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