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औरत की ममता

Anuradha PLV

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चोट खाकर भी मुस्कान लुटाती हूं,
        
                                                    
                            
आँसुओं को छुपाकर दुआएँ सजाती हूं।

मेरे सहने में ही मेरी पहचान है,
मैं माँ हूं — दर्द सहकर भी जग को जनम देती हूं।
-अनुराधा पवन प्रजापति
11 महीने पहले
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