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घर लौट आने को जी चाहता है

Anuj Subrat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर लौट आने को जी चाहता है
        
                                                    
                            
बचपन दोहराने को जी चाहता है

परदेश से जा के गाँव में माँ को
फिर गले लगाने को जी चाहता है

वो साथी जो सारे छूट गए हमसे
उनको मनाने को जी चाहता है

इक राधा थी जिसका मैं कान्हा था
फिर बंसी बजाने को जी चाहता है

‘सुब्रत’ शहर अच्छा नहीं तौबा कर
ख़ुद को समझाने को जी चाहता है
8 महीने पहले
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