विज्ञापन

आईना कभी बेवफाई नही करता

Anoop S

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लाख ग़म हों मगर रुसवाई नहीं करता।
        
                                                    
                            
वो मेरा है इसलिए बुराई नहीं करता।।

मुझको आता है ज़ख़्म छुपाना यारो।
मैं जख्मों की मुंह दिखाई नहीं करता।।

छोड़ा है तो होगी कोई मजबूरी उसकी।
मैं उससे इश्क़ की दुहाई नहीं करता।।

बिखर जाऊं तब भी संभाल कर रखना।
मैं आईना हूं टूट कर भी बेवफ़ाई नहीं करता।।

 
20 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Dasani

15 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12768 कविताएं

View Profile

Shivendra Mishra

4 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10521 कविताएं

View Profile