तुम त्याग दो सारे बंधन,
और खुद को पंख लगा लो तुम।
तुम त्याग दो सारे बंधन,
और खुद को पंख लगा लो तुम।
उड़ जाओ तुम आसमान में,
और अपना घर बना लो तुम।
बहुत खो लिया तुमने खुद को,
अब वापस तुम्हें तुमको पाना है।
यह जीवन है तुमसे,
जीवन की धारा हो तुम,
यह रीत तुम्हें निभाना है।
तुम त्याग दो सारे बंधन,
जिसने तुम्हें रुलाया है।
खुद को पंख लगा लो तुम,
उड़ जाओ आसमान में,
और अपना घर बना लो तुम।