लोग तो चले जाते हैं
उनकी यादें रह जाती हैं
लौट कर वे नहीं आते हैं
उनकी बातें रह जाती हैं
बहुत कुछ वे छोड़ जाते हैं
उनकी यादें हमें सताती हैं
आना जाना
जाना आना
लगा रहता है
संसार चलता रहता है
कुछ भी रूकता नहीं है
सब कुछ झुकता यहीं है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'