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स्वदेश प्यार के डगर पर

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चलो स्वदेश प्यार के डगर पर
        
                                                    
                            
चलो जन सेवा के डगर पर
मिलेगा क्या इसकी न परवाह कर
चलो तप त्याग के राह पर
करो कर्म बड़ा
देख कर सपना बड़ा
चलो स्वदेश प्यार पर
मर मिट कर
भी सुंदर समाज बनाएं
स्वदेश को सारे संसार का ताज बनाएं
स्वदेश को विकसित देश आज बनाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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